UP Employees Salary Hike 2025; दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। इस फैसले से लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब बाजार में महंगाई लगातार बढ़ रही है।
नई दरें और लागू होने की तारीख
सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी। हालांकि, इसका भुगतान कर्मचारियों को अक्टूबर 2025 के वेतन के साथ नकद रूप में किया जाएगा। वहीं, जुलाई से सितंबर तक की बकाया राशि कर्मचारियों को एरियर (arrears) के रूप में एकमुश्त दी जाएगी। इस तरह कर्मचारियों को एक साथ अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने वाला है।
कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय से लगभग 28 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। वित्त विभाग का अनुमान है कि इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर करीब 1960 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। बावजूद इसके, सरकार ने कर्मचारियों के हित को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
कर्मचारियों के लिए त्योहारी राहत
यह घोषणा दीपावली से पहले की गई है, जिससे इसे कर्मचारियों के लिए त्योहारी तोहफा कहा जा रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस फैसले से त्योहारों के दौरान खर्चों का दबाव कम होगा और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि सरकारी कर्मचारी किसी भी शासन की रीढ़ होते हैं। उन्होंने बताया कि महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बढ़ा हुआ डीए और डीआर समय पर भुगतान किया जाए ताकि किसी को असुविधा न हो।
अन्य राज्यों में भी पड़ सकता है असर
उत्तर प्रदेश के इस फैसले से अब अन्य राज्यों पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है। केंद्र सरकार पहले ही डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर चुकी है, इसलिए बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्य भी जल्द इसी तरह की घोषणा कर सकते हैं। इससे देशभर के लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा।
आर्थिक विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला कर्मचारियों की आय में सुधार लाएगा और उपभोग क्षमता को बढ़ाएगा। हालांकि, यह कदम महंगाई को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पाएगा, लेकिन इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों का मनोबल भी ऊंचा रहेगा।
निष्कर्ष
यूपी सरकार का यह कदम न केवल त्योहारी सीजन में राहत देने वाला है, बल्कि यह सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने जो निर्णय लिया है, वह जनहित और संवेदनशील शासन की मिसाल है। आने वाले महीनों में यह फैसला प्रदेश की अर्थव्यवस्था और कर्मचारियों दोनों के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।