सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संविदा शिक्षकों को मिलेगी स्थायी नौकरी, यूपी सरकार ने शुरू की प्रक्रिया UP Contract Teacher Regularization

UP Contract Teacher Regularization: उत्तर प्रदेश में संविदा पर काम कर रहे शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने इन शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खासतौर पर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा से जुड़े विशेष शिक्षकों के लिए यह कदम उनके भविष्य को स्थिरता देने वाला साबित होगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने तुरंत कमर कसते हुए सभी जिलों में आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे संविदा शिक्षकों से उनकी शैक्षणिक योग्यता, आयु प्रमाण पत्र और सीटीईटी पास प्रमाणपत्र जैसी जरूरी जानकारियां निर्धारित प्रारूप में प्राप्त करें।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 61 जिलों से जानकारी प्राप्त हो चुकी है और इनमें 443 संविदा शिक्षक सीटीईटी परीक्षा पास पाए गए हैं। उम्मीद है कि बाकी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद सभी योग्य शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। यह प्रक्रिया अक्टूबर के अंत तक पूरी होकर नवंबर के तीसरे सप्ताह तक नियुक्ति पत्र जारी होने की संभावना है।

पहले चरण में संविदा शिक्षकों का नियमितीकरण, फिर खाली पदों पर भर्ती

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब विशेष शिक्षकों की नियुक्ति केवल नियमित पदों पर ही की जाएगी। इसी क्रम में सरकार ने पहले चरण में संविदा शिक्षकों को रेगुलर करने का निर्णय लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कुल 5352 विशेष शिक्षकों के पदों में से लगभग 2000 पद संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण के माध्यम से भरे जाएंगे।

इसके बाद शेष पदों के लिए नया भर्ती विज्ञापन जारी किया जाएगा। यह कदम न केवल शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को भी और सशक्त बनाने में मदद करेगा।

नवंबर में जारी होगा नया भर्ती विज्ञापन

विभागीय सूत्रों की मानें तो नवंबर के पहले सप्ताह में नए पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया जाएगा। इसमें वे उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे जिनके पास बीएड और सीटीईटी जैसी आवश्यक योग्यता होगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो।

इस नए भर्ती अभियान से उम्मीद की जा रही है कि परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा और शिक्षकों की कमी भी काफी हद तक पूरी हो जाएगी।

निष्कर्ष (Conclusion)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई से संविदा शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्षों से स्थायी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे इन शिक्षकों को अब स्थायित्व और सुरक्षा मिलने जा रही है। वहीं, नई भर्ती प्रक्रिया से शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा। कुल मिलाकर यह कदम न केवल शिक्षकों के लिए बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली के लिए भी एक सकारात्मक बदलाव साबित होगा।

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