UP Police holiday cancel: यूपी पुलिस की दिवाली और छठ की छुट्टियां रद्द, त्योहारों में कानून-व्यवस्था संभालने की बड़ी तैयारी

UP Police holiday cancel: उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों के दौरान प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी करते हुए 16 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इस फैसले का उद्देश्य त्योहारों के दौरान भीड़ और संभावित अव्यवस्था से निपटना है ताकि प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।

क्यों रद्द की गई छुट्टियां?

त्योहारों के समय उत्तर प्रदेश में लाखों की संख्या में लोग बाजारों, पूजा स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर जुटते हैं। दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज और छठ जैसे पर्वों के दौरान भीड़ का स्तर सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना जरूरी लगता है कि हर थाना क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहे।

डीजीपी मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि इस अवधि में किसी भी स्तर पर छुट्टी स्वीकृत नहीं की जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी क्षेत्र सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से कमजोर न पड़े।

डीजीपी कार्यालय का निर्देश: सभी जिलों में सख्त निगरानी

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय ने सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में यह स्पष्ट कहा गया है कि त्योहारों के दौरान सभी अधिकारी और जवान अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहें। किसी भी परिस्थिति में गैरहाजिरी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की गई है कि वे न केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें बल्कि जनता के साथ संवेदनशील और सहयोगी व्यवहार भी करें।

त्योहारों के दौरान सुरक्षा क्यों है जरूरी?

दीपावली और छठ पूजा दोनों ही ऐसे पर्व हैं जिनमें लाखों लोग सामूहिक रूप से भाग लेते हैं। दीपावली के दौरान बाजारों में खरीदारी का सिलसिला चरम पर होता है, वहीं छठ पूजा में घाटों और नदियों के किनारे भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे माहौल में जरा सी लापरवाही से हादसे या अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।

सरकार का मानना है कि त्योहारों में लोगों की भावनाएं उच्च स्तर पर होती हैं, ऐसे में छोटी घटनाएं भी बड़ी रूप ले सकती हैं। इसलिए शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केवल आपात स्थिति में मिलेगी छुट्टी

हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पुलिसकर्मी को अत्यावश्यक व्यक्तिगत कारण से छुट्टी चाहिए, तो वह अपने वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेकर ही ऐसा कर सकता है। बिना अनुमति के छुट्टी लेने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि जरूरतमंद कर्मचारियों को थोड़ी राहत दी जा सके, लेकिन साथ ही प्रशासनिक जिम्मेदारी से समझौता न हो।

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संवेदनशील इलाकों पर खास ध्यान

प्रदेश के कुछ जिले—जैसे कि वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर—त्योहारों के दौरान विशेष रूप से संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पूजा और खरीदारी के लिए निकलते हैं। इसीलिए यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की गई है।

डीजीपी कार्यालय ने निर्देश दिया है कि सभी थानेदार अपने क्षेत्र में गश्त बढ़ाएं, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष योजना

त्योहारों के समय ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन जाता है। दीपावली की खरीदारी और छठ पूजा के दौरान शहरों में वाहनों की भीड़ बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस को पहले से ही रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बाजारों, पूजा स्थलों और भीड़ वाले इलाकों में बैरिकेडिंग की जाएगी, अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे और ट्रैफिक रूट डायवर्जन की योजना लागू की जाएगी।

जनता के साथ सहयोग की अपील

सरकार और पुलिस प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी अफवाह या भड़काऊ सूचना पर ध्यान न दें और तुरंत पुलिस को सूचित करें। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखें।

पुलिस विभाग का कहना है कि जनता के सहयोग से ही त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

डिजिटल निगरानी और टेक्नोलॉजी का उपयोग

इस बार त्योहारों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है। कई जिलों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर ऊंचाई से नज़र रखी जा सके।

इसके अलावा, सोशल मीडिया टीमों को भी सक्रिय किया गया है जो अफवाहों की पहचान और नियंत्रण में मदद करेंगी। यह कदम राज्य की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

त्योहारों में पुलिस की भूमिका और जिम्मेदारी

हर साल त्योहारों के दौरान पुलिस को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। जहां आम जनता इन दिनों उत्सव में डूबी होती है, वहीं पुलिसकर्मी चौकसी और अनुशासन बनाए रखने में व्यस्त रहते हैं। यह निर्णय भले ही कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन यह प्रदेश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय त्योहारों के दौरान राज्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े पर्वों में जब लाखों लोग एक साथ जुटते हैं, तब कानून-व्यवस्था की मजबूती सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाती है।

पुलिसकर्मियों के लिए यह आदेश भले ही त्याग का प्रतीक हो, लेकिन यह जनता की सुरक्षा और सामाजिक शांति के लिए आवश्यक है। सरकार और प्रशासन दोनों का उद्देश्य यही है कि हर नागरिक त्योहार को खुशी, शांति और सुरक्षित वातावरण में मना सके।

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